Thursday, May 17, 2012

ग़ज़ल -०३

ग़ज़ल -०३

कभी लबो का मुस्कुराना ज़िन्दगी है.
कभी पलकों को भीगना ज़िन्दगी है.

उसने कभी मुझको समझा ही नही है.
अपने घर में मात खाना ज़िन्दगी है.

टूट जाये इस दिल के सारे हौसले जब
यादों का हिम्मत दिलाना ज़िन्दगी है.

संग अपने ले गए हम खुशियाँ दिखाने
खाली हाथ उस मेले से आना ज़िन्दगी है.

मेरी खातिर उनकी अब अहमियत क्या है
उसका इस राज को भुलाना ज़िन्दगी है

दिल से वो मानती है हमें दोस्त अपना
अयान उसका मुझे आजमाना ज़िन्दगी है



ग़ज़ल .-०२

ग़ज़ल .-०२ अनिल अयान

ग़म अपने भी पराये हो गए.
मुद्दतो मुस्कुराये हो गए.

जब भी सीमा लांघना चाहा
खौफनाक मेरे साये हो गए

अश्कों की तेज बारिशे रही
मेहमां बिन बुलाये हो गए .

उजड़े चमन के वासिंदे है हम
मुद्दतो घर बसाये हो गए

उजड़ी महफिले है अयान
कितने पल इन्हें सजाये हो गए .

ग़ज़ल .०१

ग़ज़ल .०१
सोचा था शाम संग सवेरा नहीं जाता.
देखा तो जुदा होकर ये डेरा नहीं जाता.

दर्द दफ़न हो गया जो जिगर जमीन में
चाहते हुए भी इसको उकेरा नहीं जाता .

दिल मेरा चाहे की वो राहों को छोड़ दे.
अफ़सोस है की उनका बसेरा नहीं जाता.

खुशबू दोस्ती और इश्क का है एक गुर
इनको बार बार बिखेरा नहीं नहीं जाता.

जो शराब के संग अयान शबाब बन गयी
जामों से उसको कभी उडेला नहीं जाता.

एक बार जो देख ले इस हसीं दोस्त को
उसके साथ नाम कभी भी मेरा नहीं जाता.

 

Friday, May 11, 2012

wakht

wakht ke saath sab badal jata hai.
na pooch kaun kab badal jata hai.
Bahut sikwa hota hai usse ayaan
vo bin bataye jab badal jata hai

Tuesday, May 8, 2012

ek pal ke lie

KISI KI YAAD SATAYE TO KYA KARE.
VO EK PAL KO YAAD AAYE TO KYA KARE.
MINNATE KARKE JO CHALA JATA HO..
KHUD NA HAAL SUNAYE TO KYA KARE.
HAMESHA JO HAAL CHAL LETA RAHE,,
NA VO  AWAJ LAGAYE TO KYA KARE.
BAS ISI TARAH HALE DIL BAYAN HO
 UNKA JO HAI PARAYE TO KYA KARE.

Monday, November 28, 2011

Lafj

lafj sabhi ki jindgi ko haseen banate
hai
khushi ko meetha aur namkeen
banate hai
kaisa lagta hai jab hame ye nahi
milte hai
tab ye hamare man ko gamgeen
banate hai

lafj haseen banate hai